शर्मनाक! निगडी बस स्टैंड पर PMPML कर्मचारियों की गुंडागर्दी, पैसेंजर प्लेटफॉर्म को बनाया अपनी गाड़ियों का ‘अवैध स्टैंड’

Pranesh

पिंपरी-चिंचवड: सरकारी नौकरी का रौब देखना हो तो पिंपरी-चिंचवड के निगडी PMPML बस स्टैंड चले आइए। यहाँ नियम-कायदे और तमीज को ताक पर रखकर जो तमाशा चल रहा है, उसे देखकर आपकी आंखें फटी की फटी रह जाएंगी। जिस प्लेटफॉर्म को करोड़ों रुपए खर्च करके इसलिए बनाया गया ताकि आम मुसाफिर, बुजुर्ग और महिलाएं वहां बैठकर बस का इंतजार कर सकें, उस पूरे प्लेटफॉर्म पर यहाँ के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी चमचमाती टू-व्हीलर्स (बाईक) खड़ी कर रखी हैं।

सामने ‘साहब’ की कुर्सी, पीछे अवैध पार्किंग! ‘अधिकार वार्ता’ की टीम ने जब निगडी बस डिपो का रियलिटी चेक किया, तो नजरा बेहद चौंकाने वाला था। जनता की सेवा के लिए रखे गए ये अधिकारी सामने कुर्सियां डालकर ठाट से हुकूमत चला रहे हैं और ठीक इनके पीछे इनकी गाड़ियां अवैध रूप से कतार में पार्क हैं। हद तो यह है कि यह कोई एक दिन की बात नहीं है, निगडी बस स्टैंड पर यह मनमानी और दादागिरी रोज का नियम बन चुकी है।

अपनी जेब से टैक्स भरकर PMPML की तिजोरी भरने वाली आम जनता धूप और धूल में खड़ी रहने को मजबूर है, लेकिन इन बेखौफ कर्मचारियों को इस बात का जरा सा भी मलाल नहीं है।

अगर कोई आम नागरिक भूल से भी अपनी गाड़ी ऐसी जगह खड़ी कर दे, तो ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन उसका चालान काटने में एक मिनट नहीं लगाता। लेकिन यहाँ तो रक्षक ही भक्षक बने बैठे हैं। यात्रियों के अधिकार को कुचलकर अपनी गाड़ियां खड़ी करने वाले इन कर्मचारियों को शायद यह गलतफहमी हो गई है कि सरकारी नौकरी मिलते ही वे कानून से ऊपर हो गए हैं। यह सीधे तौर पर अनुशासनहीनता और सरकारी पद का दुरुपयोग है।

‘अधिकार वार्ता’ इस खबर के जरिए PMPML के वरिष्ठ अधिकारियों और पिंपरी-चिंचवड पुलिस प्रशासन को चेता रही है कि इस अराजकता पर तुरंत फुल स्टॉप लगाया जाए। यात्रियों के प्लेटफॉर्म से इन गाड़ियों को तुरंत जब्त किया जाए और दोषी कर्मचारियों पर ऐसी सख्त दंडात्मक कार्रवाई हो, जो पूरे पुणे जिले के लिए नजीर बने। अगर प्रशासन ने अब भी आंखें मूंद रखीं, तो इस मुद्दे को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।

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